डोभा मत कहो डूबा देगा : किसान

रांची सवाददाता ; जगरनाथ  उरांव जल संकट आज पूरे विश्‍व में छाया हुआ है। विश्‍व का एक तिहाई से भी कम जल मानव उपयोग के लिए उपलब्‍ध है। ऐसे में जल संकट चिंता का विषय […]

देश में हैं धान की कई किस्‍में

निवेदिता इस वर्ष  झारखंड  में  सुखाड़ सी स्थिति है ,सामान्‍य से 42 प्रतिशत  कम बारिश हुई है। ऐसे में झारखंड  के किसान कुछ ऐसी किस्‍म के  धान  की खेती  कर सकते  हैं  जिसमें  सिंचाई की […]

गुमनाम हीरो: भगवान को खुश करने के लिए किया ऐसा काम, लोग समझने लगे पागल!

कन्हई बताते हैं कि वह इस नतीजे पर पहुंचे की विद्या का रास्ता पकड़कर ही उनके जीवन में बदलाव आ सकता है. ऐसे में कन्हई ने पहले इसके लिए भगवान को खुश करने का फैसला […]

इस नाम के लोग होते है बेहद सुन्दर

Guriya rajput Astrology – ये लोग हर फिल्ड में होते हैं बाकि नाम वाले से आगे इस लिये इनसे हर कोई दोस्ती करना चाहता है . इनके आगे –पीछेे लड़़कियों की लगी रहती है लाइन […]

सिमडेगा : जहाँ गूंजती थी गोलियां वहां बजेगा हाॅकी का डंका , उग्रवादियों के खौफ से दिन के उजाले में भी ये जगहे हुआ करती थी भयावह

Publish by: Ravikant Mishra सिमडेगा: एक वक्त था कि सिमडेगा के भेलवाडीह और क्रुसकेला आदि क्षेत्र सिमडेगा के अति उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र माने जाते थे। दिन के उजाले में भी ये जगहे भयावह हुआ करती […]

स्‍वच्‍छ ऊर्जा में क्‍यों पिछड़ रहा है झारखंड?

निवेदिता सरकारी आंकड़े बताते हैं कि भारत के पूर्वी अंचल के राज्यों में झारखंड में नवीन ऊर्जा का विकास सबसे कम रहा है। इस राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा की कुल क्षमता केवल 97.4 मेगावाट है।राज्य […]

स्‍वर्ग को भी मात देता है झारखंड

शीनम महाभारत काल में भी झारखंड से संबंधित कुछ तथ्‍य मिलते हैं। कहते हैं यह क्षेत्र तब के मगध शासक जरांसध के अधीन था और इसे वार्त्‍य प्रदेश कहते थे। और यहां के किसी कारागार […]

क्‍या खत्‍म हो गयी केला धुंकने की तकनीक ?

मनोज शर्मा कार्बाइड और केमिकल से पकाये गये आम केला और पपीता दिखते सुदर हैं, पर सेहत के लिये हैं खतरनाक गर्मियों में बाजार में फलों की भरमार है। आम, केला, पपीता, लीची, तरबूज, अंगूर […]