गुरदीप सिंह बत्रा,
हेड-कमर्शियल यूडब्ल्यू और रिस्क इंजीनियरिंग सर्विसेज़,
वैसे तो गर्मियों की भीषण तपिश के बाद मानसून का मौसम राहत बनकर आता है, लेकिन आपके लिए यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि आपका घर पूरी तरह सुरक्षित रहे। हिमाचल प्रदेश स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2025 तक राज्य को ₹4582 करोड़ का नुकसान हुआ जिसमें 1,502 घर पूरी तरह नष्ट हो गए जबकि 6,503 को आंशिक क्षति पहुंची। हाल ही में, मई 2026 के मध्य में चक्रवात मोंथा के कारण उत्तर प्रदेश में भारी बारिश हुई और तेज़ हवाएं चलीं जिससे बुलंदशहर, वाराणसी, लखनऊ और झांसी सहित 23 ज़िले प्रभावित हुए।
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि प्राकृतिक आपदाओं के सामने घर कितने असुरक्षित हो सकते हैं। इसलिए, लोगों को एक होम इंश्योरेंस पॉलिसी अवश्य लेनी चाहिए जो भारी बारिश या बाढ़ जैसी स्थितियों में भी उनके घर को सुरक्षित जगह बनाए रखने में मदद करेगी। ऐसे में, यह जानना बेहद महत्वपूर्ण है कि होम इंश्योरेंस पॉलिसी द्वारा क्या कवरेज प्रदान किए जाते हैं।
होम इंश्योरेंस के तहत प्रदान किए जाने वाले कवरेज
होम इंश्योरेंस घर को प्राकृतिक आपदाओं और अन्य अप्रत्याशित घटनाओं जैसे डकैती, आतंकवादी हमले, दंगे आदि से बचाता है। होम इंश्योरेंस में ऑफर किए जाने वाले मानसून संबंधी कवरेज के बारे में अधिक जानने से पहले, पाठकों को यह पता होना चाहिए कि मुख्य रूप से तीन प्रकार के होम इंश्योरेंस कवरेज होते हैं: एक जिसमें केवल स्ट्रक्चर को कवर किया जाता है, एक जिसमें केवल सामान कवर होता है, और एक वो जो स्ट्रक्चर और सामान दोनों को कवर करके कॉम्प्रिहेंसिव सुरक्षा प्रदान करता है। किराएदार ऐसी पॉलिसी चुन सकते हैं जिसमें केवल किराये के घर में मौजूद सामान कवर होता हो, जबकि मकान मालिक/संपत्ति स्वामी ऊपर बताए गए तीन तरह कवर में से कोई एक विकल्प चुन सकते हैं, विशेष रूप से कॉम्प्रिहेंसिव सुरक्षा, अगर वो खुद उसी घर में रह रहे हों।यहां कुछ ऐसे मानसून संबंधित कवरेज के बारे में बताया गया है जो होम इंश्योरेंस पॉलिसी अपने पॉलिसीधारकों को प्रदान करती है।
स्ट्रक्चरल नुकसान
मानसून के दौरान लंबे समय तक होने वाली बारिश घर की नींव को कमज़ोर कर सकती है, जिससे दरारों में पानी रिसने लगता है, सीमेंट की पकड़ कमज़ोर हो जाती है और दीवारों व छतों की वजन सहने की क्षमता घट जाती है। स्थिति ज्यादा गंभीर होने पर घर का कुछ हिस्सा ढह सकता है या खतरनाक ढंग से कमज़ोर हो सकता है। बेहतर ड्रेनेज सिस्टम वाले आधुनिक घर कम असुरक्षित होते हैं, लेकिन वाटर रेजिस्टेंट मटीरियल उपयोग न करने वाले पुराने घरों और बंगलों को बाढ़, चक्रवात और भारी बारिश का पानी जमा होने से काफी खतरा रहता है।
कॉम्प्रिहेंसिव बिल्डिंग इंश्योरेंस पॉलिसी आदर्श रूप से बाढ़, चक्रवात या इसी तरह की घटनाओं के कारण स्ट्रक्चर को होने वाले नुकसान को कवर करती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि घर के मालिकों को मरम्मत पर भारी-भरकम खर्च न करना पड़े। यह सुरक्षा विशेष रूप से बाढ़ संभावित या पहाड़ी क्षेत्रों में काफी महत्वपूर्ण होती है, जहां भूस्खलन और मिट्टी धसकने का जोखिम बना रहता है।
जल भराव और बाढ़ से क्षति
अगर किसी का घर निचले इलाके में स्थित है, तो भारी बारिश या बाढ़ की स्थिति में वहां पानी भरने या घर डूबने की संभावना अधिक होती है। इससे स्वाभाविक रूप पानी घुसने की स्थिति आ सकती है। लिविंग स्पेस में बाढ़ का पानी आने से फ्लोरिंग, कार्पेट, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को नुकसान पहुंचता है, जबकि ज्यादा समय तक पानी भरा रहे तो पूरा स्ट्रक्चर कमज़ोर हो सकता है। कॉम्प्रिहेंसिव होम इंश्योरेंस पॉलिसी बाढ़ से होने वाले नुकसान को कवर करती है, जिसमें प्रभावित घरेलू वस्तुओं को रिपेयर या रिप्लेस करना शामिल है।
उदाहरण के लिए, अगर बारिश का पानी ग्राउंड फ्लोर में भर जाता है और इससे टेलीविज़न या लकड़ी का फर्नीचर खराब हो जाता है, तो इंश्योरेंस कंपनी नुकसान की भरपाई करेगी। हालांकि, कवरेज पॉलिसी की शर्तों पर निर्भर करता है, और सारी इंश्योरेंस कंपनी ऑटोमैटिक रूप से बाढ़ से सुरक्षा को शामिल नहीं करती हैं।
फर्नीचर और फिक्सचर
मानसून के मौसम के दौरान हवा की नमी और बाढ़ के पानी के संपर्क में आकर घर में लगी कई तरह की फिटिंग और फर्नीचर को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा, दरियां और कार्पेट पानी आसानी से सोख लेते हैं जिससे बाढ़ का पानी भरने पर उनमें बदबू आने लगती है, सड़ने लगते हैं या पूरी तरह खराब हो जाते हैं। घरेलू सामान को कवर करने वाली होम इंश्योरेंस पॉलिसी बाढ़ या भारी बारिश के कारण पानी भरने से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद कर सकती हैं, जिसमें लोग खराब हो जाने वाले फर्नीचर और फिटिंग के लिए क्षतिपूर्ति का क्लेम कर सकते हैं।
उदाहरण के लिए, अगर बाढ़ का ज्यादा पानी भर जाने जाने से सोफा सेट खराब होता है, तो उसके रिप्लेसमेंट का खर्च इंश्योरेंस कंपनी को उठाना होगा। चूंकि आमतौर पर सामान्य पॉलिसियों में फर्नीचर के नुकसान को शामिल नहीं किया जाता, इसलिए यह जांचने में ही समझदारी है कि प्लान में सामान का कवरेज शामिल है या इसे ऐड-ऑन राइडर के रूप में शामिल करने की आवश्यकता है।
शॉर्ट सर्किट और उपकरण की क्षति
बाढ़ के कारण फ्रिज, टीवी आदि उपकरणों को सीधे तौर पर होने वाले नुकसान या क्षति को स्टैंडर्ड होम इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत कवर किया जाता है। इसलिए इस तरह के उपकरणों को होने वाले नुकसान को कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी या कंटेंट-ओनली पॉलिसी के तहत कवर किया जाना चाहिए।
घर के मालिक शॉर्ट सर्किट और या बिजली गिरने से होने वाले नुकसान से बचने के लिए इलेक्ट्रिक ब्रेकडाउन कवरेज को अपनी मौजूदा होम इंश्योरेंस पॉलिसी में ऐड-ऑन के रूप में शामिल कर सकते हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि लोगों को मरम्मत या रिप्लेसमेंट पर अपनी जेब से पैसा न भरना पड़े। ऐसा कवरेज आमतौर पर शॉर्ट सर्किट या वोल्टेज के उतार-चढ़ाव के कारण नष्ट होने वाले उपकरणों के लिए क्षतिपूर्ति करता है।
देयता से सुरक्षा
मानसून के दौरान भारी बारिश के बाद गीले फर्श के कारण घर के अंदर फिसलकर गिरने जैसी दुर्घटनाओं की संभावना बहुत अधिक होती है, जिसमें ढीले और खुले बिजली के तारों से लगने वाले झटके भी शामिल हैं। ऐसी स्थितियां दुर्घटना के जोखिम को बढ़ा सकती हैं और अगर किसी थर्ड पार्टी को चोट पहुंचती है, तो थर्ड-पार्टी लायबिलिटी इंश्योरेंस कवरेज इससे उत्पन्न होने वाली देनदारियों की भरपाई कर देगा। हालांकि, यह ध्यान रखना होगा कि यह स्टैंडअलोन होम इंश्योरेंस कवरेज का हिस्सा नहीं है, लेकिन इसे ऐड-ऑन के रूप में या अलग पब्लिक लायबिलिटी पॉलिसी का विकल्प चुनकर अपनाया जा सकता है।
आखिर में, होम इंश्योरेंस पॉलिसी का विकल्प चुनने से पहले, इनक्लूज़न और एक्सक्लूज़न को बेहतर तरीके से समझने के लिए पॉलिसी नियमावली को पढ़ना महत्वपूर्ण होता है, ताकि क्लेम करते समय इसे लेकर कोई भ्रम न रहे कि इसमें क्या शामिल है और क्या शामिल नहीं है। हालांकि, मानसून से संभावित नुकसान से बचने के लिए पहले से ही होम इंश्योरेंस पॉलिसी लेकर फाइनेंशियली सुरक्षित रहना लाभदायक है। बाहरी/स्ट्रक्चरल नुकसान से लेकर घर के सामानों की सुरक्षा तक, यह ज़रूरत के समय 360-डिग्री सुरक्षा प्रदान करता है। अगर कुछ पहलुओं को ऐड-ऑन के रूप में जोड़ने की आवश्यकता होती है, तो भी भविष्य में मरम्मत/रिप्लेसमेंट की लागत को बचाने के लिए इसका विकल्प चुनना बेहतर होगा।
