मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की झारखंड में फिल्म निर्माण और शिक्षा के लिये बेहतरीन पहल
:::मनोज कुमार:::
रांची: झारखंड में फिल्म, मीडिया और रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (JFDCL) और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI), कोलकाता के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल का उद्देश्य राज्य के युवाओं को फिल्म, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में विश्वस्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराना तथा झारखंड को फिल्म निर्माण और क्रिएटिव इंडस्ट्री का नया केंद्र बनाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड प्रतिभाओं का धनी राज्य है, लेकिन यहां कई कलाकारों को उचित मंच और प्रशिक्षण नहीं मिल पाता। SRFTI जैसी प्रतिष्ठित संस्था के सहयोग से स्थापित होने वाला झारखंड फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (JFTI) राज्य के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि झारखंड के फिल्मकारों और कलाकारों के लिए नई तकनीक, आधुनिक संसाधनों और राष्ट्रीय स्तर के अवसरों की शुरुआत है।
JFTI के प्रारंभिक चरण में अल्पकालिक (शॉर्ट-ड्यूरेशन) पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इनमें साउंड डिजाइनिंग, फिल्म एडिटिंग, एनीमेशन, स्क्रिप्ट एवं स्क्रीनप्ले लेखन, सिनेमैटोग्राफी, निर्देशन और फिल्म प्रोडक्शन जैसे विषयों में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को पारंपरिक फिल्म उद्योग के साथ-साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएशन जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों के लिए भी तैयार करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में करियर की संभावनाएं केवल डॉक्टर या इंजीनियर बनने तक सीमित नहीं हैं। यदि युवाओं को सही प्रशिक्षण और अवसर मिले तो वे रचनात्मक क्षेत्रों में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि कलाकारों के हुनर को तराशने के लिए आधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने झारखंड में फिल्म निर्माण की अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता फिल्म शूटिंग के लिए बेहद अनुकूल है। उन्होंने हाल ही में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त संथाली फिल्म ‘आंगेन’ का उल्लेख करते हुए कहा कि झारखंड की प्रतिभाएं लगातार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि दिल बेचारा, एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी और गैंग्स ऑफ वासेपुर जैसी चर्चित फिल्मों की शूटिंग भी झारखंड में हो चुकी है, जो राज्य की संभावनाओं को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध आदिवासी विद्वान डॉ. रामदयाल मुंडा की उक्ति “जे नाची से बाची” का उल्लेख करते हुए कहा कि झारखंड के हर व्यक्ति के भीतर एक कलाकार छिपा है। JFTI और SRFTI के सहयोग से इन प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण देकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित झारखंड के फिल्मकारों—तीन बार राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता बीजू टोप्पो, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त रविराज मुर्मू, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित अनुज कुमार तथा राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निरंजन कुजूर—को सम्मानित किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, SRFTI के कुलपति समीरन दत्ता सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि, फिल्म विशेषज्ञ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। यह पहल झारखंड में फिल्म उद्योग, कौशल विकास और रचनात्मक रोजगार के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
