भारत में 70 साल बाद देखने को मिलेगा चीता

उदय कांत कुजूर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्‍म दिन पर 17 तिसंबर को नामिबिया से 8 विदेशी चीते भारत मगाऐ जिसमें कि पांच मादा और तीन नर चीतें है इन चीतों को मध्‍य प्रदेश के कूनों नेशनल पार्क में छोड़ा गया । भारत के जंगलों में शेर, बाघ और तेंदुआ पाए जाते हैं। साल 1947 में देश में आखिरी बार चीता दिखा था जिसके बाद भारत सरकार द्वारा साल 1952 में चीतों को विलुप्त घोषित कर दिया गया। हालांकि अब लंबे समय बाद भारत में शेर, बाघ, तेंदुआ के अलावा चीते भी देखने को मिलेंगे। जंगलों में रहने वाले यह चारों जानवर बेहद शक्तिशाली होते हैं। क्‍या विदेशी चीते भारत जंगलों में रह पायंगे

चीता दुनिया का सबसे तेज रफ्तार से दौड़ने वाला जानवर है। चीता  112 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ सकता है  इसकी दौड़ने की  रफ्तार 120 किमी प्रतिघंटे हो सकती है। लेकिन चीता ज्यादा दूरी तक नहीं दौड़ सकता है। यह अपने अधिकतम गति में सिर्फ एक मिनट दौड़ सकता है। तीन सेकेंड में चीता 100 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार पकड़ लेता है। 

और चीते से ज्यादा ताकतवर तेंदुआ  होता हैं ये भारत और अफ्रीका में पाया जाता है। इसकी अधिकतम लंबाई 6.2 फीटी होती है और यह 58 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ सकता है। तेंदुए रात में आमतौर पर शिकार करते हैं, क्योंकि इन पर शेर और बाघ के हमले का डर रहता है। यह किसी भी अपने से कम शक्ति शाली जानवर को अपना शिकार बना सकता हैं ।  

 

5जंगल का राजा शेर अधिकतम 80 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ सकता है। शेर का शरीर बड़ा और भारी होता है, लेकिन इसके बावजूद जंगल में इसकी दहाड़ और ताकत को सबसे खतरनाक माना जाता है। शेर की लंबाई 10 फीट तक हो सकती है और वजन 250 किलोग्राम तक हो सकता है। अफ्रीका और भारत में शेर पाए जाते हैं। शेर में इतनी ताकत होती है कि वो किसी भी बड़े जानवर का शिकार कर सकता है।

 

बाघ की लंबाई 10 फीट और वजन 300 किलोग्राम होता है। बाघ की दौड़ने की गति 64 किलोमीटर प्रतिघंटा होती है। बाघ का वजन शेर से भी अधिक होता है। भारत, इंडोनेशिया, रूस और भूटान के पहाड़ों पर बाघ पाए जाते हैं। बाघ हिरण और जंगली सुअर समेत कई जानवरों का शिकार करते हैं। कहा जाता है कि बाघ ने पंजा गड़ा दिया है, तो उससे छूटना कठिन होता है।