चांडिल की प्राकृतिक सुंदरता में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं, स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

झारखंड का चांडिल अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जलाशयों और मनोरम पहाड़ियों के कारण पर्यटन के लिहाज से खास पहचान रखता है। यहां का चांडिल डैम पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। प्राकृतिक वातावरण, विशाल जलक्षेत्र […]

‘द वीक हेरिटेज अवॉर्ड्स’ 2026: पतरातू को मिला सिल्वर बनयान अवॉर्ड , झारखंड के पर्यटन को राष्ट्रीय पहचान

::सुजीत कुमार वर्मा:: झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थल पतरातू ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पतरातू को प्रतिष्ठित ‘‘द वीक हेरिटेज अवॉर्ड्स’ 2026’ के तहत ‘Riverside Heritage’ श्रेणी में सिल्वर बनयान अवॉर्ड  […]

गोमिया के बड़कीपुन्नू क्षेत्र में 35 हाथियों का झुंड, ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील

बोकारो । गोमिया प्रखंड के बड़कीपुन्नू क्षेत्र में 35 हाथियों का झुंड लगातार विचरण कर रहा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन एवं वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की अपील की है। उपायुक्त श्री […]

क्‍या झारखंड से लुप्‍त हो चुके हैं ?’वनकुकुर’

:::मनोज कुमार शर्मा::: मई 2025 में एक खबर पढा था जिसमें झारखंड के बेतला पार्क में बाघों की संख्‍या के 1 से बढ कर 6 हो गयी है, पर अन्‍य वन्‍यजीवों की संख्‍या घटी है। […]

महुआ फल है औषधीय गुणों का खजाना, जानें चौंकाने वाले फायदे

अमित कुमार महतो पीजी इंटर्न, स्‍कूल ऑफ मास कम्‍युनिकेशन रांची विश्‍वविद्यालय, रांची डेस्क (अमित कुमार महतो) आदिवासी परंपरा में महुआ का रोल बहुत ही महत्वपूर्ण है। कहा जाता है कि जब भोजन की समस्या आती […]

गेतलसूद बांध के रोज़ आइलैंड पर उमड़ रही भीड़: रांची के लोगों का नया पसंदीदा स्थल

::::Innocent Beng::: पीजी इंटर्न, स्‍कूल ऑफ मास कम्‍युनिकेशन रांची विश्‍वविद्यालय,रांची हाल के दिनों में, गेतलसूद बांध के पास स्थित रोज़ आइलैंड तेजी से रांची के निवासियों और पर्यटकों का नया पसंदीदा स्थल बन गया है। […]

सिमडेगा का रामरेखा धाम,जहां पग पग हैं भगवान राम के निशान

:::मो.इरशाद::: रामरेखा धाम सिमडेगा जिले में स्थित एक पवित्र और ऐतिहासिक स्थल है, जो मुख्यालय से लगभग 26 किलोमीटर की दूरी पर है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण ने […]

प्रकृति का दिया हुआ जोड़ा पेड़

उज्‍ज्‍वल केरकेट्टा पीजी इंटर्न, स्‍कूल ऑफ मास कम्‍युनिकेशन रांची विश्‍वविद्यालय, रांची झारखंड की जनजातियाँ प्रकृति की उपासक है। पर्वत, पहाड़, पशु-पक्षी और पेड़-पौधों को भगवान स्वरूप मानती हैं। कई बार प्राकृतिक नजारों को देख कर […]

क्‍या खत्‍म हो जायेगी? नेतरहाट की नैसर्गिक सुदंरता

मनोज कुमार शर्मा झारखंड पहाडि़यों की रानी नेतरहाट जो अपनी रमणिक एंद्रजालिक खुबसूरती के लिये जानी जाती थी अब उसका तेजी से क्षरण हो रहा है। कभी अपने देश के सबसे उत्‍कृष्‍ट आवासीय विद्यालय, ऊंची […]

फुटकल साग औषधिक गुणों से परिपूर्ण

आदिवासी बाहुल्य राज्य झारखंड में खाए जाने वाला फुटकल साग औषधिक गुणों से परिपूर्ण है.यह लगभग झारखंड के हर क्षेत्र में पाया जाता हैं। इसका वैज्ञानिक नाम फिकस जेनीकुलाटा है,इसे आदिवासी लोग नियमित तौर पर […]