सिमडेगा : जहाँ गूंजती थी गोलियां वहां बजेगा हाॅकी का डंका , उग्रवादियों के खौफ से दिन के उजाले में भी ये जगहे हुआ करती थी भयावह

Publish by: Ravikant Mishra सिमडेगा: एक वक्त था कि सिमडेगा के भेलवाडीह और क्रुसकेला आदि क्षेत्र सिमडेगा के अति उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र माने जाते थे। दिन के उजाले में भी ये जगहे भयावह हुआ करती […]

स्‍वच्‍छ ऊर्जा में क्‍यों पिछड़ रहा है झारखंड?

निवेदिता सरकारी आंकड़े बताते हैं कि भारत के पूर्वी अंचल के राज्यों में झारखंड में नवीन ऊर्जा का विकास सबसे कम रहा है। इस राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा की कुल क्षमता केवल 97.4 मेगावाट है।राज्य […]

स्‍वर्ग को भी मात देता है झारखंड

शीनम महाभारत काल में भी झारखंड से संबंधित कुछ तथ्‍य मिलते हैं। कहते हैं यह क्षेत्र तब के मगध शासक जरांसध के अधीन था और इसे वार्त्‍य प्रदेश कहते थे। और यहां के किसी कारागार […]

क्‍या खत्‍म हो गयी केला धुंकने की तकनीक ?

मनोज शर्मा कार्बाइड और केमिकल से पकाये गये आम केला और पपीता दिखते सुदर हैं, पर सेहत के लिये हैं खतरनाक गर्मियों में बाजार में फलों की भरमार है। आम, केला, पपीता, लीची, तरबूज, अंगूर […]

पराली से बनाया ईंट और कूल कूल मकान

आइआइटी हैदराबाद के पीएचडी स्कॉलर प्रियब्रत राउतराय और ङककळर स्कूल ऑफ़ आर्किटेक्चर, भुवनेश्वर के शिक्षक, अविक रॉय ने मिलकर पराली से सस्टेनेबल ‘बायो ब्रिक’ बनाई है, जिसका इस्तेमाल घर बनाने में किया जा सकता है। […]

कीटों की कमी से परागण पर संकट

शोधकर्ताओं के मुताबिक दुनिया भर में करीब 200 करोड़ छोटे किसानों की पैदावार के लिए इन छोटे जीवों द्वारा दी जा रही सेवाएं विशेष रूप से मायने रखती है वैश्विक स्तर पर जिस तरह से […]