कभी गोल्ड मेडल‌ की गारंटी थे यशपाल राणा

:::मनोज कुमार शर्मा ::: कल शूटिंग के गुरु यशपाल राणा को महज 49 साल में कार्डियेक अरेस्ट ने हमसे छीन‌ लिया। खेल‌प्रेमियों के लिये ये हतप्रभ करने वाली खबर है। यशपाल राणा को नयी पीढ़ी […]

आवारा कुत्तों से जा रही लोगों की जान….

    बसंत कुमार   कुत्ता इंसान के सबसे प्रिय और वफादार साथियों में से एक और सबसे करीबी माना जाता है. आदि काल से लेकर आज तक कुत्तों ने इंसानों के बीच अपनी एक […]

पशुधन इंश्योरेंस क्या है?

किसान के लिए, मवेशी केवल पशुधन नहीं; बल्कि परिवार के सदस्य जैसे होते हैं. ये जानवर दैनिक कृषि कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, आय का वैकल्पिक स्रोत पैदा करते हैं और अन्य कृषि गतिविधियों […]

नामकुम में हुवांगहातु के बाद अब लाली के जंगल पहुंचा बाघ, तीन मवेशी को मारा

रांची : जंगल में बाघ के विचरण और लगातार हमले से नामकुम प्रखण्ड के सुदुरवर्ती इलाकों के ग्रामीण बीते लगभग 2 माह से दहशत में हैं। सबसे पहले हुवांगहातु जंगल में बाघ दिखने का दावा […]

झारखंड में ग्राम प्रधान की भूमिका सराहनीय

कमेटी ने झारखंड में ग्राम प्रधान की भूमिका की इस मामले में सराहना की है। कमेटी ने पाया है कि ग्राम प्रधानों के मेंटरशिप से महिला जन प्रतिनिधियों को सशक्तिकरण मिला है। यही स्थिति दूसरे […]

विश्‍व पर्यावरण दिवस पर झारखंड जैवविविधता पर्षद ने किया कई कार्यक्रमों का आयोजन

पर्यावरण पत्रकारिता से जुड़े कई पत्रकारों को किया गया सम्‍मानित। विभिन्‍न प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन। झारखंड जैव विविधता पर्षद के पीसीसीएफ सह सदस्‍य सचिव  संजीव कुमार  ने कहा : पर्यावरण को प्‍लास्टिक मुक्‍त बनाने में […]

झारखंड जैव विविधता पर्षद कॉलेज और  विश्‍वविद्यालय छात्रो को करायेगा इंटर्नशिप

:::संवाददाता::: रांची झारखण्ड जैव विविधता पर्षद द्वारा कॉलेज एवं यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों के लिय एक इंटर्नशिप कार्यक्रम वृहत रूप से इस वर्ष प्रारंभ  किया गया है| इसपर संजीव कुमार PCCF सह सदस्य सचिव ने बताया […]

जैव विविधता का संरक्षण सभी जीवों की रक्षा है

अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2025 का झारखंड जैव विविधता पर्षद ने किया सफल आयोजन  :::प्रियंका सिंह सिसौदिया ::: रांची अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2025 पलाश भवन डोरंडा रांची में आयोजित किया गया जिसमे मुख्य अथिति […]

प्रकृति के साथ सामंजस्य और सतत विकास परिचय

पिछले कुछ दशकों में जलवायु परिवर्तन, पर्यावरणीय क्षरण और जैव विविधता की हानि जैसी बढ़ती चुनौतियों ने मानवता को प्रकृति के साथ अपने संबंधों पर पुनर्विचार करने के लिए विवश कर दिया है। प्रकृति के […]