::सुजीत कुमार वर्मा::
नई दिल्ली: भगवान बिरसा मुंडा की विरासत, आदिवासी संस्कृति और विकास को समर्पित जनजातीय गौरव पखवाड़ा 1 से 15 नवंबर 2026 तक देशभर में मनाया जाएगा। जनजातीय कार्य मंत्रालय के अनुसार, इस अभियान का समापन 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर होगा।
इस दौरान देशभर में 300 से अधिक विकास परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। इनमें 228 परियोजनाओं का उद्घाटन और 74 का शिलान्यास शामिल है। अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर में जनजातीय अनुसंधान संस्थान के नए भवन और मिजोरम में स्वतंत्रता सेनानी रोपुलियानी के संग्रहालय जैसी परियोजनाएं भी इसमें शामिल हैं।
अभियान के तहत दो राष्ट्रीय डिजिटल पहल शुरू होंगी। ‘जन-एचआईटी’ पोर्टल जनजातीय स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों के लिए 20 राज्यों को कवर करेगा, जबकि राष्ट्रीय एफआरए डिजिटल प्लेटफॉर्म वन अधिकारों से जुड़े दावों की प्रक्रिया को ऑनलाइन बनाएगा।
12 और 13 नवंबर को दिल्ली में राष्ट्रीय जनजातीय साहित्य महोत्सव आयोजित होगा। वहीं, 14 नवंबर को रानी दुर्गावती आदिवासी महिला सम्मेलन में 500 जनजातीय महिला उद्यमी भाग लेंगी।
मंत्रालय के मुताबिक, 19 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 160 से अधिक गतिविधियां होंगी। इनमें स्वास्थ्य शिविर, छात्रवृत्ति सहायता, सांस्कृतिक उत्सव और जनजातीय कला-शिल्प प्रदर्शनियां शामिल हैं। अभियान का लक्ष्य सरकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाना और आदिवासी विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाना है।
