पेयजल योजनाओं में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, 90 दिनों में कार्य पूरा करने का लक्ष्य

गिरिडीह। पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने गिरिडीह समाहरणालय में गिरिडीह, धनबाद और बोकारो जिले की पेयजल योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं, सिंगल विलेज स्कीम (SVS), वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तथा पेयजल आपूर्ति से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

मंत्री ने कार्यों में लापरवाही और अनावश्यक देरी पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों एवं संवेदकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। SVS की सभी योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जांच के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर कमिटी गठित की जाएगी। कमिटी को 15 दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

वहीं, रॉ वाटर राइजिंग और क्लीन वाटर राइजिंग का कार्य अगले 90 दिनों में पूरा करने पर जोर दिया गया। बंद पड़ी योजनाओं और निर्धारित समय पर काम पूरा नहीं करने वाले संवेदकों को कानूनी नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया।

मंत्री ने कहा कि आमजन को नियमित पेयजल उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। योजनाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं होगा।