पशुपालकों के लिए केंद्र सरकार की बड़ी पहल, चारा उत्पादन और पशुशालाओं के विकास के लिए 22 कार्य चिह्नित

::सुजीत कुमार वर्मा::

नई दिल्ली, 5 नवंबर 2026। केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन और डेयरी से जुड़े परिवारों की आजीविका मजबूत करने के लिए बड़ी पहल की है। सरकार ने चारा सुरक्षा, चारागाह विकास और पशुधन से संबंधित बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए 22 कार्यों की पहचान की है।

ग्रामीण विकास विभाग और पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने संयुक्त रूप से सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को इस संबंध में परामर्श जारी किया है। ये कार्य विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G अधिनियम, 2025 के तहत किए जाएंगे।

चिह्नित कार्यों में हरे चारे की खेती, चारा भंडारण, सामुदायिक चरागाह, सिल्वोपास्चर, चारा बैंक और साइलेज इकाइयों का विकास शामिल है। इसके अलावा पशुशालाओं का निर्माण एवं मरम्मत, दूध संग्रह केंद्र, पशु चिकित्सा केंद्र, पशुओं के लिए पानी की नांद और अजोला टैंक बनाने जैसे कार्य भी प्रस्तावित हैं।

सरकार ने राज्यों को कार्यक्रम के कुल खर्च का कम से कम 5 प्रतिशत चारा एवं पशुधन संबंधी कार्यों पर खर्च करने की दिशा में प्रयास करने को कहा है। विशेष रूप से उन पंचायतों को प्राथमिकता देने पर जोर है, जहां 30 प्रतिशत से अधिक आबादी पशुपालन पर निर्भर है।

इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आधारित आजीविका, चारा उपलब्धता और पशुधन सुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।